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दिन भर हसने के बाद रात में क्यों रोते हो

Updated: Sep 3, 2025

By Himanshu Angad Rai


दिन भर हसने के बाद रात में क्यों रोते हो,

अपने घर का पता याद रखो बार-बार क्यों खोते हो।

इस कायनात में जिसको ढूँढते हो मिलेगा तो नहीं,

तुम आशिक हो जनाब अपनी कलम क्यों छोड़ते हो।।


By Himanshu Angad Rai



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