दास्ता
By Shivpriya Khude
आज कोनसा दिन हैं
आपको पता ही होगा
सोचा क्यों ना मैं
भी कह दु मेरी दिल की बात
बात करते करते अब बहोत दिन हो गये
आप को दिल मैं रखे बहोत दिन हो गये
सब कहते है
यह महिना हैं प्यारवालो का
क्यों ना मैं भी सुनाउ
हाल मेरे दिल का
बाते छुपता हो आप मुझ से
पर ये धड़कन की गती कम कैसे करोगे.
मेरे करीब आने से
शायर बहोत होगे इस दुनिया मै
पर मेरी शायारी की शुरवात ही हैं आपसे
सुन ली हे मैंने यह चुपी कही बार
चलो जाने दो समय हो गया बहोत अब बातें करेंगे
अगली बार
अगर मैं रही थोड़ी देर आप के साथ
आपकी आँखें बोल देंगी..
मोहब्बत हैं आपको मुझसे.
By Shivpriya Khude

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