दादी-नानी की कहानीI
By Mansi Dhunna
चलो पूछें दादी नानी से उनके बचपन की कहानी
क्या यूँ ही तुम्हारी तरह वे भी करती थी आनाकानी?
आम या अमरूद के पेड़ पर चढ़ कर
क्या वे भी कच्चे अमरूद और कैरी चुराया करतीं थीं?
अपनी दादी-नानी की रसोई में जा कर
क्या वे भी चुपके से आचार के चटखारे लगाया करतीं थीं?
बचपन की नादानी में
क्या वे भी गुड्डे-गुड़ियों का ब्याह रचाया करतीं थीं?
अव्वल आतीं थीं अपनी कक्षा में
या वे भी तुम्हारी तरह किताबों से कतराया करतीं थीं?
भाई-बहन के संग शैतानियों में
क्या वे भी दिन भर रम जातीं थीं?
अम्मा की डाँट और बाबा के प्यार से
क्या वे भी घर की रौनक़ कहलातीं थीं?
बैठो, सुनें दादी नानी की ज़ुबानी
उन्हीं के बचपन की कहानी।
By Mansi Dhunna

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