थेपला विधि दोहे
By Manisha N Badale
सोचा लिखते आज हैं, कोई नया विचार।
तभी सुता आकर कहे, खाऊँ रोट अचार।।
बनाने थेपला चली, कविता गई विसार।
अब विधि कह दूँ आपको, लगते ये आसार।।
मेथी, गेहूँ पीठ में, दही संग मिल जो जात।
जो मनमोहक आ गई, वह वास गज़ब बात।।
तिल तेल हल्दी मिरची, लाए बढ़िया स्वाद।
कुछ खाने की आस भी, रहे न उसके बाद।।
कहिए विधि कैसी लगी, बनाएँ थेपला आप।
जब बन जाए आपसे, जीम लें उदर धाप।।
By Manisha N Badale

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