तोड़ता हूँ मौन तुम पर
By Priyank Yadav
तोड़ता हूँ मौन तुम पर
कई दिनों से शांत हूँ मैं,
तोड़ता हूँ मौन तुम पर।
बिन इजाज़त लिख रहा दिल,
कर रहा एहसान तुम पर।
खो दिया विश्वास तुमने,
था ज़माने को जो तुम पर।
थे गगन के तुम सितारे,
अब न रहा वो नाज़ तुम पर।
घांव तुमने जो दिए है,
अब न जचता ताज तुम पर।
आ गई सब पोल खुल कर,
अब नही कुछ राज तुम पर।
घात तुमने जो किये है,
दिल करे धिक्कार तुम पर।
रोक लेती है रुबाई,
जो कहूँ कुछ बात तुम पर।
क्या लिखूँ अब तुम बताओ,
अब नही इरशाद तुम पर।
कई दिनों से शांत हूँ मैं,
तोड़ता हूँ मौन तुम पर।
By Priyank Yadav

Comments