तेरी याद
By Vibha Singh
ये तेरी याद है, या तेरा इंतजार,
तूने जाना ही नहीं, हमने चाहा बेशुमार
हर घड़ी हम जिसे याद करते रहे,
भूल के वो हमे,मंजिलों पे बढते रहे।।
हो तूफान में रेत जैसे उठती हुई,
बेइरादा बेसबब वैसे ही चले जा रहें हैं हम,
हमें खींचे लिए जा रहा है जो,
ये तेरी चाहतो का काफिला है या
मेरे दिल का गुबार,
ये तेरी याद है या तेरा इंतजार, तूने जाना ही नहीं,
हमने चाहा बेशुमार ।।
हर समय हम जिसे गुनगुनाते रहे,
वो गीत हमें छोड़ के औरों को लुभाते रहे,
तुमने चाहा गैर को,हम फिर भी तुम्हे चाहते रहे,
ये दिल की नादानी थी या मोहब्बत का खुमार,
ये तेरी याद है या तेरा इंतजार, तूने जाना ही नहीं
हमने चाहा बेशुमार ।।
By Vibha Singh

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