तेरी याद!
By Rucha Oke
हर शाम कुछ कहती है,
तेरी याद ले आती है।
में सोचता रहता हूं,
तू हसकर लौट जाती हैं।
कुछ सुनने की कोशिश करता हूं,
पर तू, आंखोंसे बात करती है।
ना सूने ही, तेरी हर कही,
बस, समझ में जाता हूं I
इतनी हसी बाट जाती है तू,
आंखें नम हो जाती है।
मुसकुराके मरहम लगाना,
ये बात तुझे, बता किसने सिखाई है ?
हर शाम कुछ कहती हैं,
तेरी हर बात याद आती हैं,
दूर ही सही, पर साथ हैं तू,
इसका यकीन दिला जाती है।
जब मिलोगी अबकी बार,
सवालों का सारे, जवाब दे जाना।
मेरी याद, अबकी बार…
तुम अपने साथ ही ले जाना ।
By Rucha Oke

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