तू हमेशा रहा
By Deepika
एहसासों को छूकर
मोहब्बत से गुजर कर,
तू सांसों में यूं ही घुलता रहा
एक खूबसूरत सा ख्याल बनकर;
जज्बातों से पिघल कर
रूह में सफर कर,
तू दिल में यूं ही बसता रहा
मानो कोई इबादत बन कर;
चला जिस मंजिल की ओर
हाथ मेरा थाम कर,
तेरी पनाह में सुकून मिलता रहा
जरा तू इसे महसूस कर;
ख्वाहिशों में बिखर कर
कुर्बतो में फिसल कर,
तू जिंदगी से यूं ही जुड़ता रहा
जैसे ख्यालों का दरिया बनकर।
By Deepika

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