तू लड़ तू किस लिए निराश हैं
By Kratika Agrawal
तू लड़
तू किस लिये निराश हैं
तेरे जीने की सिर्फ तेरे अपनों को ही नहीं
पर इस देश को भी आस हैं।
एक वायरस तूझे क्या हराएगा
तूने तो कई जिंदगियों को जन्म दिया
एक आक्सीजन की किल्लत से
तेरा क्या बिगड़ जाएगा।
तू कल भी अपने दम पर था
तू आज भी अपने दम पर हैं
तू कल भी अपनों के लिए था
तू आज भी इस देश का जन हैं।
भूल मत, आंधी कोई भी हो
तूझे न बूझा पाएगी
तू अगर मन में उम्मीद का जला ले दिया
तूझसे महामारी तो क्या मौत भी घबराइगी।
तू लड़
क्योंकि तू लड़ सकता है
तू लड़ क्योंकि घर पर परिवार राह तकता हैं
तू हिम्मत है उनकी
तू ये कभी मत भूलना
तू आस हैं उनकी
तूझे हैं हमेशा जलते रहना।
तू कर थोड़ी और कोशिश
घर तेरा पास ही हैं
तेरेजीनेकीइसदेशकोभीआसहैं।
By Kratika Agrawal

Comments