तुम्हारे सिवा किसी और का हो जाऊं कैसे
By Pallavi Jawalkar
किसी और की हो जाएगी वो, जिसे दिल से चाहा था कभी
रातों में रो कर दिन में मुस्कुराना होगा, जैसे उसकी याद ही ना आती हो कभी
उसकी याद आने के लिए उसे भूल पाना मुश्किल है
उसे भुला कर किसी और का हो पाना मुश्किल है
अक्सर कहती है वो,
" मैं जा रही हूं, तुम भी चले जाओ ना
भूला कर मुझे, उसके हो जाओ ना
चाहती तुम्हें वो मुझसे ज्यादा है
ये मेरा तुमसे वादा है
मेरी यादों को छोड़कर, उसके ख्वाबों में डूब जाओ ना
मेरी खुशी के खातिर उसके हो जाओ ना"
समझ नहीं आता, तुम्हें समझाऊं कैसे
तुम्हारे सिवा किसी और का हो जाऊं कैसे
तुम जिंदगी से जाओगी, दिल से नहीं
तुम हर रोज़ ख्वाबों में आओगी, जिंदगी में नहीं
तुम नज़्म हो जीवन की, तुम्हें मिटाऊं कैसे
तुम्हारे सिवा किसी और का हो जाऊं कैसे
तुम्हारे बिना बेजार सी जिंदगी में भी, तुम्हारी यादों में खुशी से जीना सीख जाऊंगा
पर किसी और को जिंदगी में ला कर, उसे धोखा नहीं दे पाऊंगा
तुम सोचती हो, तुम्हारे बाद मेरा कौन है
मैं सोचता हूं, तुम्हारे सिवा मेरा कौन है
प्यार करते वक्त सोचा ना था, तुम मेरी बनोगी या नहीं
तो तुम अब मेरी हो नहीं सकतीं, इस बात का ग़म मनाऊं कैसे
तुम जिंदगी में हो या ना हो, तुम्हारे सिवा मैं किसी और का हो नहीं सकता
यह बात मैं तुम्हें समझाऊं कैसे
By Pallavi Jawalkar

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