तुमसे
By Rajat Bhadoria
बातें कुछ नहीं हज़ार करनी हैं तुमसे,
हमनवा होने की ज़िद्द करनी है तुमसे!
तुम मिलो कभी तो ये दिल ही सम्भले,
इश्क़ की सौदेबाज़ी करनी है तुमसे!
हर रंज-ओ-गम अपना मुझपे वार दो,
सिर्फ खुशी ही साझा करनी है तुमसे!
गैरों से बच के और बेपरवाह हो के,
यूँ आशिकी बेहिसाब करनी है तुमसे!
By Rajat Bhadoria

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