तुम सुनो तो
By Vidhi Sharma
तुम सुनो तो कहे तुमसे
कहना चाहते है जो न जाने कबसे
होश खो बैठे है तुम्हे मिले है जबसे
मांगते है तुझे हर पल रब से ,
अब तो बस दिन रात
यही कहते है कि ...
तेरी राहों में बिखरे रहे जो
वो गुलाब बनना चाहते है ,
तू देखे जो खुली आंखों से भी
वो ख्वाब बनना चाहते है ,
तुझे बचाए जो दुनिया की नज़रों से
वो नकाब बनना चाहते है,
तुझे दे जो सुकून
वो बात बनना चाहते है ,
तू पढ़े जिसे दिल से
वो किताब बनना चाहते है ,
तेरी जिंदगी मे जो न लाए कभी अंधेरा
वो रात बनना चाहते है ,
बनना तो चाहते है तेरा सब कुछ
पर जो तू कभी न तोड़े
तेरा वो साथ बनना चाहते है ।
By Vidhi Sharma

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