तुम सुन तो रही हो ना?
By Ayushmaan Vashishth
तुम सुन तो रही हो ना?
ये जो सारे गीत मैं तुम्हारे लिए लिख रहा हूँ
ये जो सारी बातें मैं तुम्हें अपने सपनों में बता रहा हूँ
ये जो सारी यादें मैं तुम्हारे साथ बना रहा हूँ
तुम समझ तो रही हो ना?
ये अनकहे वादे जो मैं निभा रहा हूँ
ये उदास शामें जो मैं गुज़ार रहा हूँ
ये चाँदनी रातें अपने चाँद के बिना जो काट रहा हूँ
तुम देख तो रही हो ना?
ये जो आँसू भरी आँखें ज़माने से छुपा रहा हूँ
ये उदास चेहरा जो सबके सामने झुका रहा हूँ
ये रातों की रीत जो अकेले सजा रहा हूँ
तुम कब सुनोगी तुम कब समझोगी
मेरे लिए कितने ख़ास हैं
ये जो पल मैं तुम्हारे साथ बिता रहा हूँ
येजोपलमैंतुम्हारेसाथबितारहाहूँ
By Ayushmaan Vashishth

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