तुम बिन अधुरी मैं
By Rashmi Mahish
न कुछ कहा न कुछ सूना
जाने कैसे तू चूप हुआ
तेरी खामोशी देती है दर्द बड़ी
जाने तू कहाँ गुम हो गया ।
तेरी याद अब हर पल सताती है
तूझे देखने की एक आस जगाती है
तूझसे मिलना है अब अधूरा सपना
बिन तेरे जीवन में केवल अब दर्द ही नजर आता है ।
आँसू से भरी है मेरी आँख
दिल में अब दर्द ही रह गया
छोड़ गया तू अकेली मुझको
जिन्दगी तू सुना कर गया ।
दुनियाँ के इस भीड़ में
हो गयी अब अकेली मैं
तुम बिन ना कोई सहारा मेरा
अधूरी अब मैं हो गयी ।
By Rashmi Mahish

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