तुम बस साथ निभाना
Updated: Jun 10, 2023
By Shweta
जो थक जाऊँ मैं ज़िंदगी से हारकर
तो तुम मेरा हाथ बटाना
और चलूंगी मैं साथ तुम्हारे,
तुम बस साथ निभाना।
जो थक कर आऊँ मैं काम से
तो माँ से कहना, मेरा भी सर अपने हाथों से सहलाना
लगा दिए करूंगी मैं झाड़ू पोछा तुम लगाना।
जो खाना बनाऊं तुम्हारे लिए,
तो तुम भी कभी मेरे लिए चाय बनाना
और चलूंगी मैं साथ तुम्हारे,
तुम बस साथ निभाना
जो तुम्हारे हर गम में साथ दूँ
और तुम्हारे आसूंओं को पोछूँ
तो तुम भी अपना कन्धा आगे बढ़ाना
और बसा लूँ जो तुम्हे अपनी इन नज़रों में
तो तुम बस किसी और से नज़रे मत मिलाना
भर दूंगी तुम्हारा आँगन खुशियों से
पर मेरी खुशी तुम ढूंड कर लाना
हाँ चलूंगी मैं साथ तुम्हारे,
तुम बस साथ निभाना।
By Shweta

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