तुझे ख़बर भी है
Updated: Dec 2, 2022
By Bhanupriya
तुमसे मिलने के ख़याल में
रंज-ए-जुदाई के मलाल में..
मेने खुद से दूरी कितनी बढ़ा ली,
तुझे खबर भी है??
उस रोज़ जो तुम चले गए थे
बिना मेरे सवालों को आइना दिए..
मैं, तुमसे मिलने की जद्दोजहद में खुद से फिर मिल ही नहीं पाई कभी
तुझे ख़बर भी है?
वो जो तुम दरकिनार किये बैठे हो न आज मीलो दूर,
हाँ वो जरा सा चुटकी भर प्यार..
बिसराने में उसको, सारी उम्र लगी मुझको,
तुझे खबर भी है?
मुझमें लड़ते मेरे दो खेमे है,
एक तुझे प्यारा एक को तू प्यारा..
मेरी खुद की खुद से सुलह हो ही नहीं पाई कभी
तुझे खबर भी है?
By Bhanupriya

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