तुझे ढूंढे मेरी नज़र
By Kajal Joshi
तुझे ढूंढे मेरी नज़र,
तुझे ढूंडू में पूरा शहर।
तेरे बिन अब कैसे जियेंगे,
तुझसे जुदाई कैसे सहेंगे।
तू जो ना मिला मुझें तोह जी के क्या करेंगे,
तेरी बिन अब हम किस्से बातें करेंगे।
तुझे ढूंढे मेरी नज़र,
तुझे ढूंडू में पूरा शहर।
तू जो अब नहीं है तो तेरे बिना दिल भी अब धड़कता नहीं हैं,
तुझे देखे बिन हमारा दिन भी गुजरता नहीं हैं।
तेरे लिए सब से लड़ लेंगे,
तेरे लिए तोह दुनिया छोड़ देंगे।
तुझे ढूंढे मेरी नज़र,
तुझे ढूंडू में पूरा शहर।
तेरे बिन ज़िंदगी अधूरी सी होगयी हैं,
तेरे बिना एक खली पैन सा लगता है।
तेरे बिना अब नहीं सहा जाता है एक भी पल,
तू कही से वापिस आजाये यही मेरी रब से एक दुआ है।
तुझे ढूंढे मेरी नज़र,
तुझे ढूंडू में पूरा शहर।
तुझ से बढ़कर मेरे लिए कोई नहीं हैं,
तेरे सिवा मेरे ज़िंदगी में दूजा कोई नहीं है।
तुझसे ही तो मेरी पहचान हैं,
तू ही तो मेरी एक जान है।
तुझे ढूंढे मेरी नज़र,
तुझेढूंडूमेंपूराशहर।
By Kajal Joshi

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