तिरंगे रहे हर दिल में
By Parveen Kumar
तिरंगे रहे हर दिल मे, भारत माँ को सलाम करो। जो देश के लिए शहीद हुए हैं, उनको झुककर प्रणाम करो।
बेमिसाल कुर्बानियां देकर देश को आजाद करवाया है । हंस-हंसकर फांसी के फंदे पर चढ़े,जीवन काल- कोठरियों में बिताया है। धर्म मजहब की कोई बात ना थी ,हिंदू, मुसलमान, सिख ,ईसाई सबने मिलकर कर्म कमाया है। तभी तो तिरंगा हमारा दुनिया भर में छाया है।
देश बनाया सब ने मिल जुल कर, सभी धर्मों का सतिकर किया। जात पात ना छुआछूत का रखा बंधन, संविधान में ऐसा परिधान किया। भारत चले विकास के रास्ते पर सबने जी जान से काम किया। हर भारतवासी बने आत्मनिर्भर विश्वशक्ति ये संकल्प लिया।
देश पर ना आए कोई आंच दुश्मन को नाकों चने चबाए है । सबने मिलकर कुर्बानियां दी बलिदान के नए इतिहास बनाएं हैं ।
अनेकता में रहे सब और एकता लाये सब मिलकर। एक दूसरे के दर्द को समझे और घाव मिटाए मरहम बनकर।
ऐसा देश जो अनेकता मे एकता का प्रतीक हो।
भिन्नताओं के बावजूद सबका एक ही वजूद हो।
By Parveen Kumar

Comments