तारीफ
By Aashish Shrivastava
कहूं क्या मैं उसके तारीफ में
वो नहीं तो मेरा वजूद ही क्या
जो भी समझा मैंने अनुभव से
वो आपके सामने किया बयां
अपना ख्याल जरूर रखो करो
मगर दिल में हो सभीके लिए दया
उसकी यादें अभी भी हैं जिंदा
जो छोड़कर कब का चला गया
फेंक दी उन्होंने चीजें पुरानी
कि अब समान आ गया है नया
By Aashish Shrivastava

Comments