ताकीद लड़कियों को!
By Gurnam
जज्बातों में सरफा करती,
उसने कौन सा फूल भिजवाए!
तू भी उसकी तरह एक तरफा करती!
प्यार करने पर रोक कहा है,
बस उसको बताना नही था!
उसने ताक कर चले ही जाना था रोज की तरह,
तुझे वहा मुस्कुराना नही था!
अब उसको अंदर से हौंसले आए होंगे,
अब कल देखना !
चुयोंटी के पर निकल आए होंगे!
ताकने वाला मुस्कुराएगा कल,
तेरे करीब से जाएगा कल,
अब कल फिर मौका गवा मत देना!
पगली! फिर मुस्कुरा मत देना!!
कुछ कहे तो अनसुनी करना,
फोन आने का बहाना करना,
एक्सक्यूसमी कह कर खिसक लेना,
और रब का शुक्राना करना!
By Gurnam

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