तसवीर
By Komal Paradkar
चलते चलते..उसे अचानक से टकरा गयी। प्यारीसी आंखोंमें बस देखती रह गयी।।
वो हलकिसी मुस्कुराहट.. दिवाना बना गयी। चेहरेकी वो मासुमीयत..दिल धडका गयी।।
सब कुछ भूलके में..गुमराहसी हो गयी। थम गया वक्त और सारा होश खोगयी।।
बस निहारती रह गयी अपने आपको। और याद करती रही पुरी रात..
टकराये हुए वो आयने में देखी हुई.. अपनी वो खुबसुरत तसवीरको।
By Komal Paradkar

Comments