टूटे दिल की दास्तान....!!!!
By Lovepreet Kaur
प्यार में तुम्हारे हम फना होंगे,
रातों-रात हम तबाह होगे,
तुम ने भी दिल हमारा शिदत से तोड़ा,
ऐसा लगा जैसे भगवान ने साथ छोड़ा ;
अपने दुख की मुझसे नुमाइश नहीं होती,
तुझे पाने की काश मेरी ख्वाहिश ना होती,
दूर होना भल्ले तेरी मजबूरी थी,
पर क्या मैं तेरे लिया नहीं जरूरी थी;
तेरी याद म हम बहुत तड़पे,
मेरा दिल तेरे साथ बिन कैसे धड़के,
तेरे जाने पर सारे मेरे अरमान टूटे ,
गुजारिश है भगवान से किसी का कोई अपना किसी से इस तारा ना रूठे;
दिल का दरिया दुख का समुंदर बन गया,
तेरा मुझे छोड़ जाना मेरा मुकद्दर बन गया,
खुश है तू अब क्या मेरे बिन,
हम तो जीना ही भूल गए तेरे बिन;
तेरा दिया हुआ जखम भरा नहीं,
किसी भी महरम का असर उस पर कुछ खास हुआ नहीं ,
मोहब्बत मुझे करनी अब गुनाह लगती है ,
अपने आप को दी हुई मनचाही सजा लगती है ;
हमने तुझे अपनी खुशी था माना,
तू तो हमारा गम बन गया,
हमने तुझे अपना हमदर्द था माना,
तू तो हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द दे गया;
तूने अपनी जिंदगी से बेदखल करदिया हमें ,
फिर भी हमारे दिल में सिर्फ तू धड़कता है ,
क्या कहूँ तेरी तारीफ़ में ,
दूर होके भी मेरी हर एक साँस में तू झलकता है ;
मेरा दिल टूटा क्योकि तू खोटा निकला,
यह ना इल्ज़ाम तुझपर लगाऊँगी,
प्यार किया था तुझसे,
सच बिना जाने बी अपनी मोहब्बत निभाऊंगी ;
तेरे हर एक दर्द का मुझे हिस्सेदार बनना था,
तेरी कांटो भरी जिंदगी का मुझे गुलाब बनना था ,
तेरे हर ख्वाब को पुरा करने वाला मुझे साथ बनना था ,
तेरी मोहब्बत बन तेरे सिर का ताज बनना था;
क्या सबूत दू की तू ही मेरी सच्ची मोहब्बत था,
कैसे जताऊँ की तू ही मेरे दिल में एकलोटा था,
दुनिया की हर चीज तुझ पर कुर्बान थी ,
तुझपर तो वारनी हमने अपनी जान थी ;
सच कहा है किसी ने किस्मत के भी होते है अनोखे रंग,
प्यार के रंगो में रंगने वाला ही कर गया जिंदगी बेरंग.........
By Lovepreet Kaur

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