जुदा तुम नहीं
By Vibha Singh
तुझे पाया है मैने ,खुद के ही अंदर, मेरी धङकनों से जुदा तुम नहीं,
जाओ जहाँ भी, मेरे बिना तुम, मेरी धङकनों से जुदा तुम नहीं,
तुम्हे कैसे बताएं कि कितना हम चाहें, तुम ही तुम बसे हो,
मुझमें मैं नहीं,
ख्यालों में तुम हो,तुम ही खवाहिशों में,तुम्हे जानते हैं, तुमसे भी ज्यादा,
बस इक बार आजा, आ के बता जा,तेरे दिल में क्या है,
मैं कब से जी रहा हुँ, यु ही आधा आधा,
तुझे चाह के फिर चाहा ना खुद को, तेरी खातिर खुद से जुदा ही सही, तुझे पाया है मैने, खुद के ही अंदर,मेरी धङकनों से जुदा तुम नहीं ।
By Vibha Singh

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