जाने वाले तू तो नहीं आएगा मगर तेरी याद बहुत आएगी
By Sandeep Sharma
जाने वाले तू तो नहीं आएगा मगर तेरी याद बहुत आएगी
तेरे साथ गुज़री है जो शाम वो शाम तन्हाई में बहुत रुलाएगी
एक चेहरा आँखों में इस तरह बस जाएगा सोचा न था
कि देखूँ जो भी सूरत हर सूरत में तेरी सूरत नज़र आएगी
इसे जितना समझता हूँ उतना ही उलझती है ये ज़िन्दगी
तेरी ज़ुल्फ़ का पेच-ओ-ख़म नहीं जो सुलझ जाएगी
ये वफ़ा के दरख़्त समर तो क्या अब हवा भी नहीं देते
न जाने इन सूखे दरख्तों पे कब बहार आएगी
By Sandeep Sharma

Comments