जयकार
Updated: Jun 6, 2023
By Shubham Sunil Lange
मंत्रो का उच्चार है, हर पल यहाँ त्योहार है ।
ये मिट्टी है ऊस धरती की जहां धर्म की जयकार है।
ज्ञान की हो स्रोत या फिर वेदो की ये दाता है
वीरों को जिसने जना है सिर्फ भारत माता है।
हो लाख शत्रु काट देंगे हिंदु की हुंकार है
ये मिट्टी है ऊस धरती की जहां धर्म की जयकार है।
वीणा की झंकार गूँजे त्याग गूँजे मन मे भी
रक्त का संचार होता मिट्टी के हर कण मे भी।
देश की सेवा मे मरना जन्म का उद्धार है
ये मिट्टी है ऊस धरती की जहां धर्म की जयकार है।
पांडवो की जीत है सौ कौरवों की हार है
पापियों का नाश करना धर्म का आधार है।
भक्ति शक्ति के मिलन का ये बृहत ओंकार है
ये मिट्टी है ऊस धरती की जहां धर्म की जयकार है।
By Shubham Sunil Lange

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