जब तलक तुम साथ थे
By Amit Sagar
सुनो.. जब तलक तुम साथ थे
ये हवाएं भी मेरे गालों को चूमकर निकलती थी
पर जब से तुम गए हो
हर हवा का झोंका थप्पड़ सा लगता है
जब तलक तुम साथ थे
ख़ुदा से कुछ माँगने का दिल ही नही करता था
जब से तुम गए हो
अब हर दिन उसके दर पे माथा टिकता है
जब तलक तुम साथ थे
पूरी रात तुमसे बातें करके कटती थी
जब से तुम गए हो
पूरी रात तुम्हारी तस्वीर देखकर कटती है
पर एक चीज अभी भी वैसी है...
जब तलक तुम साथ थे
तुमसे मिलने के लिए दिल बैचैन रहता था
जब से तुम गए हो
तुम्हे देखने के लिए दिल बैचैन रहता है
By Amit Sagar

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