जनानी
By Prashant Vatsa
जनानी का अर्थ बेमानी है जो बुझे उसे समझे उसकी कहानी हैं।
प्रकृति बयां करती उसकी जुबानी हैं।
हर मां में व्याप्त सृष्टि की कहानी हैं।
सुनने में यह शब्द सरल हैं पर जो बुझ गया वही पूर्ण ज्ञानी हैं।
जनानी का अर्थ बेमानी है जो बुझे उसे समझे उसकी कहानी हैं।
कभी मां, कभी बेटी, कभी अर्धांगिनी हैं।
अपने अस्तित्व की लड़ाई में बीती उसकी पूरी जवानी हैं।
कभी नवदुर्गा, कभी अन्नपूर्णा, कभी काली तो कभी वरदायिनी हैं।
By Prashant Vatsa

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