ज़रूरी तो नही
By Zeeshan Sharique
जिंदगी में खुश रहने की कोशिश हर कोई करता है,
पर कोशिशों के बाद भी सबको खुशियां मिले ज़रूरी तो नहीं,
ना खुश रहने का सबसे बड़ा सबब है दूसरो से मवाज़ना,
किसी और से ज्यादा हासिल कर के खुश होऊ ज़रूरी तो नहीं,
मेरे दोस्त के पास ज़्यादा बड़ा घर और कीमती चीजे हैं,
कीमती चीजों के साथ बड़े घर में ही खुश रहु ज़रूरी तो नहीं,
मेरा फैसला सिर्फ मेरा हो और ज़रूरतों के मुताबिक हो,
किसी और से बराबरी के लिए फैसला करूं ज़रूरी तो नहीं,
बहुत मुमकिन है कि तमाम कोशिशों के बाद भी नाकाम रह जाऊ,
पर इसके बाद कोशिश करना ही छोड़ दू ज़रूरी तो नहीं,
किसी और से खुद की बराबरी करना भी वाज़ह है,
गर वो कामयाब और मैं नाकाम तो उस से मुंह मोड़ लू ज़रूरी तो नहीं,
कोशिशें हार जीत कामयाबी नाकामयाबी सब जिंदगी के हिस्से हैं,
गर कुछ अधूरा रह जाए तो जिंदगी जीना ही छोड़ दू जरूरी तो नहीं!
By Zeeshan Sharique

Comments