चूहे को देखकर
By Dhruwa Shankar Prasad
चेन्नई से एक चूहा आया
था बहुत पिया खाया
देखकर बिल्ली सुबक गई
पलंग के नीचे दुबक गई
बहुत तेजी से दौड़ गई
सीधे जंगल पहुंच गई
चीता था बहुत जोश में
जोर से भागा बहुत होश में
पर रह गया बिल्ली से पीछे
बिल्ली पहुंची पीपल के नीचे
मिला खरगोश आँखें मिचे
सुनकर सारी बिल्ली की बातें
खरगोश खूब हंसने लगा
चूहा ! अरे चूहा क्या चीज है !
कहकर खूब झूमने लगा
तभी वहां एक चूहा आ गया
देख उसे डर इतना समा गया
गुम हो गई सिट्टी पिट्टी
बंद हो गई बात बड़की बड़की
खरगोश बिल्ली संग भागने लगा
भागम भाग फिर चलने लगा
भागम भाग फिर चलने लगा ।
By Dhruwa Shankar Prasad




Nice poem
😀