चुप रहना एक गेहना है
By Pranjal Babel
बस इतना ही कहना है ,चुप रहना एक गेहना है|
पर दिल को भी खाली करते रहना है
बातों बातों में जाना है , कुछ खो कर कुछ पाना है|
यही जिंदगी का अफ़साना है, उससे ही गुज़रते जाना है |
हमें खुद की खोज में कहीं दूर जाना है, अपनी आँखों से दिल को राहत दिला , खुद को खुद का सबसे ख़ास बनाना है |
बस ध्यान रखते हुए इस बात का कि गुस्से में कभी किसी को हाल-ऐ- दिल नहीं सुनाना है , नहीं तो फिर उसके लिए भी पछताना है |
अपनी अहमियत किसी को जतानी पड़े ,तो समझ जाना है कि उसका आपके पास होने का नहीं कोई ठीकाना है|
मौका मिलते ही अपना हाल – ऐ – दिल चंदा को सुनाना है |
ना मिले तो चुप रह कर बस दिल में छुपाते जाना है , नहीं तो अपनी किताबो में लिख कर दिल को खाली करते जाना है|
बस इतना ही कहना है , चुप रहना एक गेहना है,
पर दिल को भी खाली करते रहना है|
मानसिक तनाव से खुद को बचाना है ,
इस आधुनिकता के दोर में खुद को नहीं घुमाना है ,
मुस्कुराते हुए सब पार कर जाना है ,
इस ज़माने के दीवाने नहीं बनना , बल्कि इस ज़माने को अपना दीवाना बनाना है |
चुप रहना एक गेहना है , बस इतना ही कहना है|
By Pranjal Babel

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