चिंता
By Dr Meenakshi Saini
चिंता है सारी दुनिया की
अपने से तो परिचय कर लो
सबसे तो तुम बतियाते हो
कुछ बात स्वयं से भी कर लो
अपने ही आप को जानो तुम
अपने को थोड़ा समझ भी लो
अपनी कमियों को जान लो तुम
ताकत में उनको बदल भी लो
उम्मीदों का तुम दरिया हो
और जोश का तुम में है बहाव
खुशियां तुम्हारी मंज़िल हैं
और अवसर देख रहे हैं ताक
चुनौतियों को पहचानो तुम
अपने को कर लो तुम तैयार
अलग ही कुछ करने से पहले
जुनून ज़रा जगा तो लो
मौका ना देना किसी को
तुम अपने को परखने का
व्यक्तित्व को ज़रा अपने
मजबूत इतना बना लो तुम
निराशा रखना दूर ज़रा
आशावादी ही रहना
दिल को अपने छान कर
अरमानों को तो जानो तुम
है तुम्हारी क्या तमन्ना
क्या तुम्हारे सब सपने
खुशी क्या देता है तुमको
क्या क्या तुम्हें निखारता है
डर अपने सब पीछे छोड़
स्वयं से प्रेरित हो जाना
रखना ख्याल अपना पहले
खुश भी अपने को रखना
हो कभी कोई कशमकश
हार मत जाना हिम्मत तुम
साथ तब खुद का तुम देना
समय भी खुद को देना तुम
अपने से होगा परिचय जब
तब प्यार भी होगा अपने से
और ज़िन्दगी भी खूबसूरत बहुत
तब तुमको नजर है आएगी।
बहुत खूबसूरत सी ये ज़िन्दगी,
तुम्हारे लिए बन जाएगी।
बहुत ही खूबसूरत सी,
सच में ये बन जाएगी।।
By Dr Meenakshi Saini

Comments