चर्चे
By Deeksha Chugh Bagla
क्या खूब हो तुम
क्यों बदनाम हो तुम
क्या बात है तुम में
हु ! क्या खास हो तुम ।
कुछ ऐसे ही चर्चे तुम जैसों की जुबानी
मेरे कानों में पढ़ते हैं तुम्हें शायद पता ना हो ।
इससे बात उससे बात, कुछ हंसते हुए कुछ डरते हुए
मेरी बदनामियों में तुम, अपनी खुशी ढूंढ पाते हो क्या ?
हो सके तो बताना ।
जो मेरा नहीं
वो तुम्हारा नहीं
उन जैसों का तुम्हें
कोई सहारा नहीं ।
कुछ ऐसी ही बातें महान लोग किया करते हैं
जान जाओगे कभी अभी तुम्हें शायद पता ना हो ।
यों बैठे बैठे खाली हमारी बात आए जब
उन बातों में देखना, अपनी कमी ढूंढ पाते हो क्या ?
हो सके तो बताना ।
By Deeksha Chugh Bagla

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