घोंसला
By Vinita Verma
तिनका तिनका जोड़कर घोंसला बनाती है एक चिड़िया
अंडों से बच्चे निकलकर कर देते है रौनक उसका घोंसला
मगर एक दिन पंख पसार छोड़ जाते सब उसका घर संसार
बनाने अपना एक नया घोंसला
मगर पीछे छोड़ जाते है अपनी माँ का सुना ख़ाली घोंसला
पंछी तो फिर अगले साल अंडे देकर
रौनक़ कर लेता है अपना घोंसला
मगर इंसान के बच्चे
जब छोड़ जाते है अपनी माँ का घर
बनाने अपना नया संसार
तो पीछे छोड़ जाते है
एक माँ और उसका सुना ख़ाली घर संसार
पहले तो माँ का घर रहता था फला फूला
साथ रहते थे सब
मगर आज के दौर में
घर है सबका अलग अलग
बूढ़े माँ बाप को भी साथ रखो
मत करो उनको अलग अलग
मत भूलो जो है आज उनका दिन
कल तुम्हारा भी एक दिन ऐसा आएगा
जैसा ऐसा आज है घर उनका
कल तुम्हारा भी घोंसला सुना रह जाएगा
By Vinita Verma

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