गले लग जा
Updated: Jun 2, 2023
By Ankita Garg
काश मुझे कोई गले लगाए ताकि मैं रो सकुन सुकून से,
दिलासा दे कोई तो वो भी मैं रखलूं खुशी से,
साथ न सही पर सहारा तो बने कोई मेरा भी,
थोड़ा साथ चलके सब बेसहारा छोड़ देते हैं वैसे भी,
उम्मीद नहीं लगता मैं किसी से भी अब,
छोड़ना था छोड़ दिया था तूने तब,
गम पीना सिख जाते हैं हम जैसे प्यार करने वाले सभी,
फिर भी मुह से उफ तक नहीं निकलती कभी,
प्यार ना आसान है ना मुश्किल है,
प्यार बस हमारी मंज़िल है,
कहने को बहुत कुछ है पर सिर्फ रोना चाहता हूँ,
तेरी महफिल में आँखें बहुत हैं पर आँखें चुराना चाहता हूँ,
सुनने वाला एक नहीं पर रुलाने वाले बहुत हैं,
सहारा देने को कोई नहीं पर गिराने वाले बहुत हैं,
काश मुझे कोई गले लगाए ताकि मैं रो सकुन सुकून से,
तेरा झूठा दिलसा ही काफी है जो मैं रख लून खुशी से...
By Ankita Garg

Comments