ख्वाब
Updated: Dec 7, 2022
By Mahima Rastogi
जिंदगी पा के भी नहीं जिया, तो क्या जिया तुमने?
ख्वाब देख के भी उनको पूरा नहीं किया, तो क्या किया तुमने?
दुख दर्द का कहना तो मत ही करना तुम,
क्योंकी कौन ही आखिर इससे है बच पाया,
जो दर्द को गले से नहीं लगाया तो क्या खोया और क्या पाया तुमने?
जो ना ना करते करते इतना सोच लिया,
जिंदगी के पहलू में अपना रंग ढुंढ लिया,
बंदिशों के पिंजरों से आज़ाद होना जो सीख लिया,
और ख्वाबों की गली में अपना घर बनाना सीख लिया,
तो ख्वाब ने कहा, मेरे आग में जलने की चाह रखना गलत नहीं है,
पर जो अगर जल जाओ, तो उस ज़ख्म को सेहने की काबिलियत रखना ज़रुरी है,
दोबारा कोशिश करना ज़रुरी है।
By Mahima Rastogi

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