ख्वाब
By Vandita Kumari
हर पन्ने पर ख्वाब लिखा है
कुछ अधूरा अल्फ़ाज़ लिखा है।।
ख्वाहिशों का कुछ सार लिखा है
बिखरे रिश्तों का अंजाम लिखा है।।
दिल का हाल बेबाक लिखा है
गैरों पर अपना ऐतबार लिखा है।।
बेरुखी का सबब कई बार लिखा है
पर तेरे दीदार का इंतजार लिखा है।।
मोहब्बत का एक सारांश लिखा है
तेरी यादों का सौगात लिखा है।।
मैंने हर पन्ने पर ख्वाब लिखा है।।
By Vandita Kumari

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