खुद को खुशी
Updated: Jan 12, 2023
By Bhumika Shahi
चाहत थी ख्वाबो को पूरा करने की
ना कही रास्ते में ठहरने की
पर एक मोड़ आया एक ठहरव लेकर
साथ में एक नन्ही सी जान लेकर
अब जिंदगी जीना था उसे सिखाना
पर मुस्किल था खुद को संभलना
उलज गए अपने ही सफर में भूल गए खुद की ख़बर लेने दुख का एहसास हुआ जब दिल में तब जाना क्या न था पास मेरे जिया जाता है खुद को खुद से खुश रखकर सब कुछ भुलाकर बिना करे लोगो की फिकर
By Bhumika Shahi

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