क्यों है?
Updated: Dec 5, 2022
By Tarif Mustafa Khan
उम्मीद ख़ुद से इतनी क्यों है?
ज़िन्दगी इतनी मुश्किल क्यों है?
क्या कभी सोचा है तुमने की हर हंसी के पीछे,
ये ग़मों की आहट क्यों है?
जब बचपन में हर कोई सच्चा दोस्त नज़र आता था,
फिर आज एक सच्चे दोस्त की कमी क्यों है?
हर लम्हा कुछ पाने की चाहत में,
कुछ खो देने की आदत क्यों है?
माना की ये जज़्बात मेरे हैं,
मगर इन्हे सुनकर तुम्हारे दिल में ये ख़लिश क्यों है?
By Tarif Mustafa Khan

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