क्यूं हो रहे हो तुम परेशान
By Ramendra R. Padelkar
जिंदगी है छोटीसी
चार दिन के हम मेहमान !
गुस्सा छोडो यारों
क्यूं हो रहे हो तुम परेशान !!
जीवन एक सवाल
पर जवाब भी है बडा आसान !
प्रयास करो यारों
क्यूं हो रहे हो तुम परेशान !!
कोई नहीं यहा किसीका
फिर भी क्यूं जताना है अभिमान !
खुलको जियो यारों
क्यूं हो रहे हो तुम परेशान !!
अब चिंता हमे कैसी
खुदा है अब हम पे मेहेरबान !
मन की सुनो यारों
क्यूं हो रहे हो तुम परेशान !!
By Ramendra R. Padelkar

Comments