क्या नाम दें ...
By Menka Gupta
ख्वाहिशों को पूरा होते देखा है मगर
खुशियों की इस बारिश को क्या नाम दें
सपनो को सच होते देखा है मगर
हकीकत है या सपना क्या नाम दें
खुदा की रेहमत होते देखा है मगर
ज़िन्दगी कि इस ख़ुशी को क्या नाम दें
दिलों को जुड़ते देखा है मगर
किस्मत से जो मिले हम उसे क्या नाम दें
छोटी बड़ी हर चाह को बदलते देखा है मगर
एक दूसरे के लिए बदलने को क्या नाम दें
खुशियों को बढ़ते देखा है मगर
इस साथ की ख़ुशी को क्या नाम दें
दिल की धड़कन को सुना है मगर
हर पल बढ़ती इस आहट को क्या नाम दें
एक शर्मीली से मुस्कान को देखा है मगर
झुकती हुई पलकों को क्या नाम दें
आखों मैं तुम्हारी देखा है मगर
उनमे दिखते अपने चेहरे को क्या नाम दें
तुम्हारे लफ्ज़ो में अपने नाम को सुना है मगर
उस आवाज़ के असर को क्या नाम दें .....
By Menka Gupta

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