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कोरोना से रोना

Feb 16, 2023
1 min read

By Kamakshi Aggarwal


कोरोना के कारण इतना पड़ेगा रोना, कभी सोचा न था।

खरीदे हुए सामान को बाहर,

बारह घंटे पड़ेगा छोड़ना,

कभी सोचा न था ।

इक्कीस दिन लॉकडाउन में होना,

कभी सोचा न था।

दुनिया में मौत का कहर होना,

कभी सोचा न था।



धर्मांधों के कारण,

सरकार की बेबसी दिखाना,

कभी सोचा न था।

अपनों से ही दूर हो जाना,

कभी सोचा न था।

चार दीवारी में जीवन का सिमट जाना,

कभी सोचा न था।

कोरोना के कारण इतना पड़गा रोना, कभी सोचा न था।


By Kamakshi Aggarwal




 
 
 

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