कोई पैमाना नहीं
By Yati Manglik
ना सही ना गलत, ना अच्छा ना बुरा,
ना मोटा ना पतला, ना लंबा ना छोटा,
मैं कैसे ना कहूँ कि तू मेरा सब कुछ,
और जो तू रूठा तो जग छूटा।
शायद ये ख्याल हर माँ का है अपन,
जिसने सिजोया अपनी संतान का हर सपना,
पर क्यों डाले बोझ अपनी इच्छाओं का इन मासूम कंधो पर,
क्यों बगाए इन्हे JEE और NEET जैसे धंधो पर,
और क्यों ना भरने दे इन्हें उड़ान अभी।
मैंने जन्म तूझे अपनी इच्छा से दिया तो,
क्या में तेरी हकदार बनी,
या माँ कहलाने के लिए चाहिए Birth Certificate कोई,
बस छोटी सी Demand मेरी बनूँ मैं साथी तेरी,
सही गलत कुछ भी नहीं, बस तेरा मेरा प्यार सभी।
तेरी First Salary मेरे हाथो में आए ये ज़रूरी नहीं,
इसके बाद या पहले तू हाथ किसी का थामे ये तेरी मजबूरी नहीं,
तू खूब Flirt करे, पर Commitment ना तोड़े तू ,
बात Settle होने की आए, तो Decision मुझ पर न छोड़े तू।
बेटी तू मेरी है जान भी मेरी रहेगी तू ,
Baby और Jaanu चाहें कोई भी कहे,
Maa तू मुझे और बस मुझे ही कहेगी तू।
By Yati Manglik

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