कैसा होगा वो...
By Suruchi
प्यार क्या है, कोई मुझे समझा दो
कौन मुझे प्यार करेगा, कोई तो बता दो
क्या वो सुबह खिली धूप सा होगा
या बारिश के बाद आई छाँव सा होगा
क्या वो इसी शहर का है
या किसी छोटे गाँव का होगा।
क्या वो इन पहाडों की तरह अडिग होगा
या नदियों में बहते पानी के बहाव सा होगा
क्या वो समुद्र की तरह डरावना होगा
या फूलों की प्यारी बहार सा होगा।
क्या वो चिलचिलाती गर्मी वाले दिन सा होगा
या जो राहत दे, उस चाँदनी रात सा होगा
क्या उसका प्यार चाँद के दाग सा होगा
या तारों की तरह बेशुमार सा होगा।
क्या वो इस जमीन सा एक राज़ सा होगा
या आसमां की तरह आर पार सा होगा
क्या वो फ़ूलों को खिलाने वाले बसंत सा होगा
या जो डरा दे, उस तेज़ बरसात सा होगा।
क्या उससे एक बार इश्क़ होगा
या ये करार बार बार सा होगा
क्या उसके प्यार में संतुष्टि होगी
या उसका प्यार भी मेरी तरह बेकरार सा होगा
क्या वो पायल की झंकार सा होगा
या महंगे नौलखे हार सा होगा
क्या होगा वो मेरे पैर की पायल
या मेरे सिर पर ताज सा होगा।
क्या सजेगा मुझ पर चूड़ामणि की तरह
या वो मेरे हाथ मे कातिलाना हथियार सा होगा
क्या वो ठंडी हवा के आगाज़ सा होगा
या जो चोट दे, उस तलवार के वार सा होगा।
क्या वो बारिश की पहली फुहार सा होगा
या ठंड में हुए बीमार सा होगा
क्या हमारी अन बन होगी
या वो प्यारे दिलदार सा होगा।
क्या वो शेर की दहाड़ सा होगा
या कोयल के गाने के सार सा होगा
क्या वो रेशमी धागे सा होगा
या जो कभी ना टूटे, उस तार सा होगा।
क्या होगा वो ठुकराए संगीत सा
या प्यारी यमन राग सा होगा
क्या वो उजड़े जंगल सा होगा
या खुशबू से भरे बाग सा होगा
क्या वो पहाड़ों पर जमी बर्फ सा होगा
या समुद्र किनारे बहकर आई झाग सा होगा
क्या वो पानी की बूंद सा होगा
या उस बूंद में समाए संसार सा होगा।
क्या मैला होगा वो कीचड़ की तरह
या श्वेत दूध की धार सा होगा
क्या वो प्यास बुझाने वाले आब सा होगा
या उसका नशा शराब सा होगा
क्या वो बचपन की मासूमियत सा होगा
या शबाबों में लगी आग सा होगा
क्या वो मेरी सच्चाई होगी
या दिन में बने ख्वाब सा होगा।
क्या उसे पाकर मैं जीत जाऊँगी
या वो मेरे लिए हार सा होगा
पछताऊँगी उससे प्यार करके
या मुझे मेरी मोहब्बत पर नाज़ सा होगा।
मुझे नही पता वो सिर्फ एक जज़्बात सा होगा
या एक हसीं हयात सा होगा
जो भी होगा, जैसा भी होगा
इश्क़ में मेरी ख़ूबसूरत मात सा होगा।
By Suruchi

Comments