कृष्णा
By Praveen Kumar Das
मां यशोदा का लाडला वह, पूरे गोकुल का सम्मान है,
चतुर्वेदो का ज्ञाता वह बालक, उत्तम निर्मल ज्ञान है,
नंद बाबा का वह नंदलाला, यदुवंशी राजा धनवान है,
द्वापर युग का वह विधाता,सर्वाधिक गुणवान है,
कानन कुंडल मोर मुकुट है साजे, अधरो पर मुस्कान है,
हाथ में सुनहरी बंसी राखे, वह कृष्णा राधे की जान है,
मित्रगणों का सदा वह रक्षक, हर बाधा पर बलवान है,
बलदाऊ का अनुज मनोहर, वह पालनकर्ता भगवान है,
गोपियां जिसकी प्रेम दीवानी, वह माखन चोर महान है,
कानन कुंडल मोर मुकुट है साजे, अधरो पर मुस्कान है,
हाथ में सुनहरी बंसी राखे, वह कृष्णा राधे की जान है,
कुरुक्षेत्र का वह विधाता, वही विधि का विधान है
गीता जैसी जिसकी वाणी, कलयुग को जो दान है
वहगोवर्धनधारीराधेमोहन, वहपालनकर्ताभगवानहै।
By Praveen Kumar Das

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