कुछ बातें ज़िंदगी से भी
By Magan Chawla
ए ज़िन्दगी,
बहुत कुछ है दिल में मेरे
जो तुझसे कहना चाहता हूं,
मिला है मुझ को बहुत कुछ यहां
जो तुझ को दिखाना चाहता हूं..
ऐसे तो ,बहुत कुछ है सुनाने को भी तुझे
पर,
क्या शिकवा करू तुझसे मैं?
जो मुझ को मिला है इस सफर में
शायद बहुत से तरसते है ये भी पाने के लिए,
कुछ ऐसा भी है
जो बिन मांगे ही मिला है,
तो कुछ ऐसा भी है
जो चाहकर भी पा ना सका मै,
बस आखिर में यही तजुर्बा मिला है
ना चाह रख किसी की
ना उम्मीद रख किसी पर,
बस कर मेहनत अपनी
और विश्वास रख इसी पर..
बस,
इसलिए एक गुजारिश है तुझसे ए ज़िन्दगी,
मेहनत कर ,रहमत वो खुद करता है..
कर्म कर,किस्मत वो खुद लिखता है..
ना भटकना रास्तों से अब तू कभी
वो खुद गिराता है,
बस,तू घर से निकल
वो मंज़िल तक खुद पहुंचाता है
वो मंज़िल तक खुद पहुंचाता है।।
By Magan Chawla

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