कुछ फिक्र बड़ों की
By Sarika Vishal Dabhade
ढलती उम्र है उनकी
उनको भी थोडा समझ लिया करो,
उनके ज़माने के रिवाज़ों को
थोड़ी तव्वजों दे दिया करो ।
नया ज़माना नई Technology,
Fast होती ज़िन्दगी,
उनकी समझ से है परे,
क्या हम ज़रा Slow होकर
रह सकते हैं उनके लिए खड़े ?
बहुत कुछ adjust उन्होंने किया,
हमे बनाने के लिए,
अब कुछ adjust हम भी कर ले,
उन्हें संभालने के लिए।
लड़खड़ाए जब भी हम
उन्होंने ही थामा है,
उनके बिगड़ते balance को,
हमे ही संभालना है |
कुछ बातें उनसे भी कर लो
कुछ यादें उनकी भी जी लो,
क्योंकि ढलती उम्र है उनकी,
ये भी थोड़ा समझ लिया करो ...
By Sarika Vishal Dabhade

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