कुछ करने की बारी अब आई है
By Vaidehi Kanada
बहोत सुनाए दुखड़े मैंने ,
कुछ करने की बारी अब आई है ।
बहोत जी लिया औरों के लिए मैंने ,
खुदके लिए जिनकी बारी अब आई है।
खामोशी कुछ परेशान सा करती थी मुझको ,
पर नया संगीत सुनने की बारी अब आई है।
लोगों की पसंद और ना पसंद की दौड़ में अब ,
खुदकी पसंद चुनने की बारी अब आई है।
दूसरों के लिए हँसी बटोरने से पहले ,
खुदकी हँसी की परवाह करने की बारी अब आई है।
पलकों मैं जपकती सी ये जिंदगी को ,
खुद के लिए जीने की बारी अब आई है ।
बहोत सुनाए दुखड़े मैंने ,
अब कुछ करने की बारी अब आई है ॥
By Vaidehi Kanada

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