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कुछ अनकही इच्छाएं

Nov 11, 2022
1 min read

By Shruti Lad


इन्द्रधनुष से रंग पाने को

आसमान में उड़ जाने को जी करता है

क्षितिज को छूने को

हवा सा सरसराने को जी करता


चाँद पर चलने को

तारे चुराने को जी करता है

बादल में छुपने को

नदी में बह जाने को जी करता है


सूरज से मिलने को

पंछियों संग समय बीताने को जी करता है

पत्तों सा लहलहाने को

फूलों सा महकने को जी करता है


छुप छुप कर चलती बिल्ली का पीछा करने को जी करता है

हाथी की लम्बी सूंड पर झूला झूलने को जी करता है

समुद्र की लहरों में पाँव भिगोने को जी करता है

पहली बारिश की मिट्टी से उठती खुशबू सूंघने को जी करता है





बच्चों सा चिल्लाने को

चिड़िया सा चह्चहाने को जी करता है

मोरनी सा झूमने को

तेज़ बरसात में भीगने को जी करता है


सूरज को सुबह और शाम में एकटक देखते जाने को जी करता है

घोंसले में रखे अंडे को हाथ लगाने को जी करता है


कुछ हवा से बातें करने को

वादियों में रास्ता बनाने को जी करता है


अनजान राह पर चलने को

प्रकृति में खो जाने को जी करता है


खेत में उगती सरसों के बीच रोज़ सैर करके आने को जी करता है

वन में पेड़ो की छाँव में समय बीताने को जी करता है

झरने के पानी से उड़ती बूंदों के पास चेहरा ले जाने को जी करता है

गीली रेत में घर बनाने,

तितली पकड़ कर फिर उड़ाने को जी करता है


खिलखिला कर मुस्कुराने को

सबको हंसाने को जी करता है


By Shruti Lad




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