किस्मत
By Yakshita Gawan
जानती है ये मेरे हाथों की लकीर
की बस तुम्ही हो मेरी तकदीर
फिर भी ये किस्मत कर रही अजमाइश
कि कर दूं मै अपने प्यार की नुमाइश
पर यही दुनिया का दस्तूर है
यहां हर इश्क किस्मत के हाथों मजबूर है
ए किस्मत कर ले तू अपनी मनमानी
चाहे बना ले हमे अलग करने की कहानी
पर ये बात शायद तूने भी नही जानी
कि इश्क है हमारा सच्चा रूहानी
इसलिए कभी खत्म नहीं कर पाएगी तू
हमारी प्यार की ये एक कहानी
ए किस्मत
मत आजमा तू मेरे प्यार की ताकत को
ये तुझे भी बदलने की ताकत रखती है
इस इश्क में इतनी ताकत है
ये तुम्हारी जीत को हार में भी बदल सकती है
By Yakshita Gawan

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