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किसान

Apr 3, 2023
2 min read

Updated: Sep 16, 2025

By Sonal Mansi


भोजन का साधन है, ककसान

जमीन को धन, तन, मन माना है, ककसान

मुसीबतों का सामना करना हैनहीं इतना आसान

ठंड हो, बरसात हो या हो भीषण तूफान

डट कर सामना करता हैककसान

जादू या जादूगर है किसान,

दूसरी शब्दों मेंकहूँतो मेहनत का दूसरा नाम है, ककसान

सच मेंककतना महान हैककसान ।

खुद भूखा रह लेगा पर दूसरेको रहनेना देगा ककसान

इसललए कहा महान हैककसान

लाखों का पेट भरता हैककसान

कमजोर हो या हो बलवान

शहजादा हो या हो खुद ककसान

इमारत के बीसवीं मंजजल पर बैठा हो या हो जमीन पर बैठा इंसान सबका ररश्ता है, भोजन केसाथ जजसका साधन हैककसान इसके बदलेकु छ भी मांग लेककसान

तब हमददी ददखाता हैइंसान

कै सेबताऊूँहमददी नहीं इज्जत चाहता हैककसान

जो देनहीं पाता इंसान

कोकवड जैसी घडी मेंभी कहम्मत जुटाए था ककसान

कबना अपना जीवन के परवाह ककए ना जानेककतनेअन्न उपजाया था ककसान पक्का सोचा होगा, रूक गया मैंतो कै सेहोगा देश का कल्याण कबना कु छ मांगेइतना कु छ


ककया ककसान

कफर उन्हेिम क्यों समझेइंसान

डॉक्टर, पुललस को कहा शुकिया, इंसान

मेरेयारों अभी भी बाकी है, ककसान

कभी सोचा क्या होता अगर रूक जातेककसान

क्या होता ….. बस मर जातेहम इंसान

अगर होतेना ककसान

तो कै सेआगेबढ़ता इंसान।

दो–तीन साल की पगाड ना ममलेतो दूसरी नौकरी लेलेता हैइंसान सोचा क्या होता जब ऐसा ही करनेलगेककसान

समझेनहीं, समझाती हं, समझ लो इंसान

मुसीबत सेजहाूँभागता हैइंसान

वहीं लडता हैककसान

हर साल आंधी, बाढ़, तूफान सेभभडता हैककसान

ककतनेनुकसान का सामना करता हैककसान

पर हारता नहीं हैकिसान।

अब समझेककतनेमहान हैककसान

भोजन का साधन है, के वल ककसान

जमीन को धन, तन, मन माना हैककसान मुसीबतों का सामना करना हैनहीं इतना आसान पर डट कर सामना करता हैककसान

सीधेशब्दों मेंकहं तो भगवान सेकम नहीं हैककसान। इतनेमहान हैककसान……..

इतनेमहान हैककसान……..



By Sonal Mansi





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